राज ठाकरे उसी रहगुज़र पर चल पड़े हैं जिस पर कभी उनके चाचा बाल ठाकरे चला करते थे. महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच राज ने पहचान पर आधारित अलगाववादी राजनीति का दांव खेला है. क्या हैं इसकी वजहें और क्या हो सकते हैं इसके नतीजे, बता रहे हैं अजित साही . 
पिछले साल 27 [...]

विशिष्टता का सानिध्य

आनंदवन में बिताए जीवन और बाबा आमटे के साहचर्य के गुनगुनेपन को जितना हो सके समेटने की कोशिश कर रहे हैं डॉक्टर प्रकाश आमटे…
जब हम आनंदवन में रहने के लिए आए तब मेरी उम्र केवल तीन साल थी। इसके पहले का मुझे कुछ याद नहीं। तब ये एक जंगली इलाका था। ये सोचना भी काफी [...]

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